Electro Homoeopathy RECOGNITION BILL UNDER CONSIDERATION-Government of India Ministry of Health & Family Welfare (Department of Health Research)
इलैक्ट्रोपैथी मान्यता हेतु कानून विचाराधीन - स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अभी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने एक आर.टी.आई. का उत्तर देते हुए स्पच्च्ट किया है कि इलैक्ट्रोपैथी मान्यता के लिए कानून विचाराधीन है । आर.टी.आई. का जवाब इस प्रकार है
http://uttarakhandlive.org/electropathy-doctors-association-of-uttarakhand/।
V.25011/244/2011-HR
Government of India
Ministry of Health & Family Welfare
(Department of Health Research)
http://uttarakhandlive.org/electropathy-doctors-association-of-uttarakhand/Nirman Bhawan New Delhi,
Date : 07.07.2011
To,
Sh. C.B. Mahindrakar Baliram Nilaya,
Devi Nagar, Near Church,
Post – Shahapur,
Dist : Yadagiri-585223
(Karnataka)
http://uttarakhandlive.org/electropathy-doctors-association-of-uttarakhand/
A proposal for enactment o a legislation titled “The Recognition of New System of Medicines Bill” to provide procedure for recognition of new systems of medicine for the purpose of practice and education in that system and for matters connected therewith or incidental thereto is under consideration.
Your Faithfully,
(J.P.Mehta)
Director & CPIO
फैजाबाद: दि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी प्रैक्टिशनर एसोसिएशन की जिला इकाई के संयोजन में प्रेस क्लब में आयोजित कार्यशाला में इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के उपयोग पर विस्तार से मंथन किया गया। इस पैथी को हानिरहित उपचार का माध्यम बताया गया।
मुख्य अतिथि राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय पवन ने कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद कहा कि इस पैथी के व्यापक उपयोग के बारे में उन्होंने सुना है। इस पैथी के चिकित्सकों का सम्मान व मान्यता के बारे में मुख्यमंत्री से वार्ता कर अनुरोध करेंगे। डॉ. सीपी शुक्ला के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता आइइएच मेडिकल कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वी कुमार ने की। इएचपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, जबलपुर के डॉ. जीएस वर्मा, अधिवक्ता विचार मंच के प्रदेश संयोजक केके तिवारी ने कार्यशाला में विचार व्यक्त किए। पूर्व चिकित्सा शिक्षा व सूचनाधिकारी डॉ. सीपी सिंह सहित वक्ताओं ने इस पैथी की उत्पत्ति से लेकर देश में विकास व रोगों के हानिरहित उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा की। डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने मानसिक रोगियों के बारे में पैथी के उपयोग पर चर्चा की।
एसोसिएशन की ओर से मुख्य अतिथि राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय पवन से इलेक्ट्रोहोम्योपैथी को प्रदेश में मान्यता दिलाने के साथ ही इस पैथी के चिकित्सकों को उपचार करने का आदेश लागू कराने का अनुरोध किया है। कार्यशाला में डॉ.वीआर वर्मा, डॉ. रामजी सैनी, डॉ. सुधीर मौर्या, डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. आरडी वर्मा, डॉ. शकील, डॉ. रवि श्रीवास्तव, डॉ.एके तिवारी, डॉ. सुमन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
https://m.jagran.com/uttar-pradesh/faizabad-workshop-on-electro-homeopathy-10726159.html